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| सेना प्रमुख ने अग्रिम मोर्चों पर सैनिकों के साथ मनाई दीपावली |
🇮🇳 सेना प्रमुख ने अग्रिम मोर्चों पर सैनिकों संग मनाई दीपावली, कहा – हर हाल में देश की रक्षा को तैयार है भारतीय सेना
नई दिल्ली, अक्टूबर 2025:
भारत के सेना प्रमुख (Army Chief) ने इस वर्ष की दीपावली अग्रिम मोर्चों पर तैनात वीर जवानों के साथ मनाई।
कड़ाके की ठंड, कठिन भौगोलिक परिस्थितियाँ और ऊँचाई पर तैनाती के बावजूद सैनिकों के चेहरों पर मुस्कान थी, क्योंकि उनके बीच देश के थलसेना प्रमुख मौजूद थे।
सेना प्रमुख ने इस अवसर पर सैनिकों के साथ दीप जलाया, मिठाइयाँ बाँटीं और उन्हें उनके समर्पण और त्याग के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि “भारतीय सेना किसी भी परिस्थिति में देश की सुरक्षा और अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।”
🪔 अग्रिम मोर्चे पर दीपावली – देशभक्ति की अनोखी तस्वीर
जहाँ एक ओर देश के अधिकांश लोग अपने घरों में परिवार के साथ दीपावली का उत्सव मना रहे थे, वहीं हमारी सीमाओं पर तैनात जवानों ने यह पर्व देश की रक्षा करते हुए मनाया।
सेना प्रमुख का अग्रिम चौकियों तक पहुँचना इन जवानों के लिए हौसले और गर्व का पल था।
उन्होंने कहा कि “हमारे सैनिक हर मौसम, हर भूभाग और हर चुनौती में खड़े रहते हैं ताकि देशवासी सुरक्षित महसूस करें। उनके साहस, अनुशासन और समर्पण पर हमें गर्व है।”
इस दौरान जवानों ने परंपरागत तरीके से दीप जलाए, मिठाई वितरण, देशभक्ति गीतों, और देश के नाम संदेशों के साथ त्योहार की खुशी साझा की।
🪖 सेना प्रमुख का संदेश – ऑपरेशनल रेडीनेस सर्वोच्च प्राथमिकता
सेना प्रमुख ने जवानों से संवाद करते हुए कहा कि ऑपरेशनल रेडीनेस (Operational Readiness) किसी भी सैन्य शक्ति की सबसे बड़ी पहचान है।
उन्होंने जोर दिया कि भारतीय सेना हर मौसम और हर परिस्थिति में अपनी तैयारी और तत्परता बनाए रखती है।
“हमारा लक्ष्य सिर्फ सीमाओं की रक्षा करना नहीं, बल्कि शांति और स्थिरता को बनाए रखना भी है। भारतीय सेना हमेशा ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ कार्य करती है।” – सेना प्रमुख
उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक, साजो-सामान के आधुनिकीकरण, और सैन्य रणनीतियों के अद्यतन पर लगातार काम किया जा रहा है, ताकि भारत किसी भी प्रकार के खतरे का तुरंत और प्रभावी ढंग से जवाब दे सके।
🏔️ सेंट्रल सेक्टर में बढ़ी सामरिक गतिविधियाँ
यह दीपावली सेना प्रमुख ने सेंट्रल सेक्टर (Central Sector) के अग्रिम इलाकों में सैनिकों के साथ बिताई।
यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है, जहाँ सैनिक ऊँचाई वाले इलाकों में लगातार निगरानी और गश्त में लगे रहते हैं।
सेना प्रमुख ने यहाँ चल रही ऑपरेशनल गतिविधियों, लॉजिस्टिक सपोर्ट, और स्थानीय नागरिकों के साथ सैन्य समन्वय (civil-military synergy) की समीक्षा भी की।
उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात कर बुनियादी ढांचे के विकास, संचार तंत्र और आपूर्ति श्रृंखला की प्रगति का जायजा लिया।
🤝 Civil-Military Synergy – जनता और सेना का मजबूत रिश्ता
सेना प्रमुख ने अपने संदेश में कहा कि किसी भी क्षेत्र में स्थिरता और विकास तभी संभव है जब सेना और स्थानीय नागरिकों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बनी रहे।
उन्होंने बताया कि सेना ने सेंट्रल सेक्टर में कई “Sadbhavana Projects” चलाए हैं — जिनके तहत स्थानीय स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के निर्माण में सहयोग दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा –
“भारतीय सेना सिर्फ सीमा की सुरक्षा नहीं करती, बल्कि वह देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी भागीदार है।
Civil-Military Synergy हमारी रणनीतिक शक्ति का अहम हिस्सा है।”
🎖️ जवानों के जज़्बे को सलाम
सेना प्रमुख ने जवानों के साथ बातचीत के दौरान उनके परिवारों के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि “एक सैनिक तभी मजबूती से सीमा पर डटा रह सकता है जब उसके परिवार का मनोबल ऊँचा हो। हम सबको उनके परिवारों के त्याग को भी नमन करना चाहिए।”
सैनिकों ने भी सेना प्रमुख को बताया कि दीपावली जैसे पर्व पर नेतृत्व का उनके बीच आना उन्हें नई ऊर्जा देता है।
एक जवान ने कहा –
“सर का हमारे बीच आना किसी तोहफ़े से कम नहीं। यह हमें याद दिलाता है कि देश हमें देख रहा है, और हमें गर्व महसूस कर रहा है।”
🔰 नए रक्षा प्रोजेक्ट्स और सुधारों का जिक्र
सेना प्रमुख ने बताया कि भारतीय सेना अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी पर विशेष ध्यान दे रही है।
देश की सीमाओं को सुरक्षित करने के साथ-साथ, सेना आधुनिक हथियार प्रणालियों और युद्ध प्रबंधन प्रणाली में भी तेजी से बदलाव कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में सेना की क्षमता को और मजबूत बनाने के लिए कई नए प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है —
जिसमें सीमा पर निगरानी के लिए अत्याधुनिक उपकरण, रडार सिस्टम, और रात में देखने की क्षमता वाले उपकरण (Night Vision Systems) शामिल हैं।
💬 जनता के नाम संदेश – दीपावली देशभक्ति का प्रतीक बने
सेना प्रमुख ने देशवासियों से अपील की कि दीपावली के इस पावन अवसर पर हम सब यह संकल्प लें कि
हम न केवल अपने घरों में दीप जलाएँ, बल्कि उन सैनिकों के बलिदान को भी याद करें जो हमारी सुरक्षा के लिए सीमाओं पर डटे हैं।
उन्होंने कहा –
“दीपावली सिर्फ रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि यह कर्तव्य, अनुशासन और त्याग का भी प्रतीक है।
हर भारतीय के दिल में वह दीप जलना चाहिए जो हमारे सैनिकों के साहस को सम्मान दे।”
🇮🇳 निष्कर्ष: सेना प्रमुख का दीपावली संदेश – देश सबसे ऊपर
इस दीपावली पर भारतीय सेना प्रमुख ने जो उदाहरण पेश किया, उसने फिर साबित कर दिया कि भारतीय सेना सिर्फ एक बल नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा है।
अग्रिम मोर्चों पर तैनात सैनिकों के साथ दीपावली मनाना सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि एक संदेश है —
कि जब तक भारतीय जवान सीमा पर हैं, तब तक देश सुरक्षित है, निश्चिंत है।
दीपावली की यह रोशनी सिर्फ सीमाओं को नहीं, बल्कि पूरे भारत को गर्व से भर देती है।
✍️ संक्षेप में:
“दीपों की इस रौशनी में एक लौ उन सैनिकों के नाम भी जलनी चाहिए,
जो हर त्यौहार पर अपने घर से दूर रहकर, हमारे देश को मुस्कुराने का मौका देते हैं।”
जय हिन्द! 🇮🇳
🇮🇳 💬 “सवाल-जवाब प्रतियोगिता: जानिए भारतीय सेना से जुड़े कुछ खास तथ्य”
आपका स्वागत है “दीपावली स्पेशल आर्मी क्विज़” में!
सही जवाब देने वाले को मिलेगा एक खास गिफ्ट या सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर 🎁🇮🇳
🧠 सवाल
भारतीय सेना के वर्तमान थलसेना प्रमुख (Army Chief) कौन हैं?
A) जनरल मनोज मुकुंद नरवणे
B) जनरल मनोज पांडे
C) जनरल उपेन्द्र द्विवेदी
D) जनरल बिपिन रावत
🕯️ संकेत: उन्होंने इस साल दीपावली अग्रिम मोर्चों पर सैनिकों के साथ मनाई।
🎯 कैसे लें भाग?
1. अपने जवाब नीचे कमेंट सेक्शन में लिखें (जैसे: A.B.C …)
2. सबसे पहले सभी सही जवाब देने वाले को मिलेगा स्पेशल गिफ्ट / सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर
3. परिणाम दीपावली सप्ताह के अंत में घोषित किया जाएगा।

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